अमेरिका में 17 साल की इंद्राणी ने अपने साइंस प्रोजेक्ट से जीता 1.6 करोड़ का ईनाम

लड़कियों को मौका मिले तो वो क्या नही कर सकती? लड़कियां भी मौका मिलने पर लड़कों के बराबर हर क्षेत्र में काम कर सकतीं है. हमारे सामने कई उदारहण हैं जब लड़कियों/ महिलाओं ने दिखाया की वे पुरुषों से किसी भी मामले में कम नही हैं. ऐसा ही एक उदाहरण हमारे सामने अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की लड़की 17 साल की इंद्राणी है.

indrani das

17 वर्षीय इंद्राणी ने अमेरिका के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठ‍ित प्रतियोगियोताओं में से एक ‘Regeneron Science Talent Search’ में हिस्सा लिया और बाकि 1700 प्रतियोगियों को पछाड़ते हुए इसमें पहला स्थान हासिल किया है.

इस प्रतियोगिता को जीतने पर इंद्राणी को ईनाम में 2,50,000 डॉलर (करीब 1 करोड़ 63 लाख) मिले. इस साइंस टैलेंट सर्च प्रतियोगिता में टॉप 10 में 4 स्थानों पर भारतीय मूल के छात्रों को जगह मिली.

इंद्राणी का प्रोजेक्ट
इंद्राणी ने ऐसे प्रोजेक्ट पर काम किया था, जिसमें यह बताया गया है कि ब्रेन इंजरी यानी मस्त‍िष्क पर चोट लगने या न्यूरोडिजनरेटिव डिजीज की वजह से हमारे मस्ति‍ष्क की तंत्रिकाएं कैसे मरने लगती हैं और उनको मरने से कैसे बचाया जा सकता है.माना जा रहा है कि इंद्राणी के इस प्रोजेक्ट पर आगे और रिसर्च होगी जिससे मस्त‍िष्क से संबंधि‍त बड़े इलाज में मदद मिल सकती है.

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