मुझे राष्ट्रवाद से प्यार है लेकिन डंडे के जोर पर थोपे गए राष्ट्रवाद से मुझे नफरत है – चेतन भगत

रामजस कॉलेज में ABVP व AISA के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुरे देश में चर्चा का विषय बन चूका है. अब ये छात्र राजनीति से ज्यादा मुख्य धारा की राजनीति का मुद्दा बन चूका है. JNU में पिछले साल हुए विवाद की तरह रामजस कॉलेज विवाद के बाद एक बार फिर से राष्ट्रवाद पर बहस शुरू हो गई है. अब लेखक चेतन भगत ने भी राष्ट्रवाद पर टिप्पणी की है.

chetan bhagat

चेतन भगत ने कल सोमवार, 27 फरवरी को एक ट्वीट करते हुए लिखा, “मुझे राष्ट्रवाद से प्यार है लेकिन डंडे के जोर पर थोपे गए राष्ट्रवाद से मुझे नफरत है.” हालांकि ट्विटर पर उनके प्रसंशकों को उनकी राष्ट्रवाद पर ये राय ज्यादा रास नही आई और चेतन भगत उनके निशाने पर आ गये.

चेतन भगत के राष्ट्रवाद पर इस ट्वीट के जवाब में एक यूजर विनीत सैनी ने पूछा, “क्या आपको नही लगता कि एंटी-नेशनल के खिलाफ डंडे का इस्तेमाल करना जरुरी है? जब हम कुछ गलत करते हैं तो हमारे अभिभावक हमे समझाने के लिए डंडे का इस्तेमाल करते हैं.”

विनीत सैनी के इस ट्वीट पर चेतन भगत ने कहा, “भाई, अगर हम सच्चे राष्ट्रवादी हैं तो हमें कानूनी तरीकों का सम्मान करते हुए उनका इस्तेमाल करना चाहिए और लोकतंत्र में कोई किसी का अभिभावक नहीं होता.”

इसके बाद एक दुसरे ट्विटर यूजर शिव ने चेतन भगत से पूछा, “क्या आप एंटी-नेशनलिज्म के खिलाफ डंडे का प्रयोग से नफरत करते हैं?” एक अन्य ट्विटर यूजर अरुण राय ने लिखा है, “चेतन भगत, कुछ थोपा नहीं गया लेकिन डंडे की जगह देश का विरोध करने वालों के लिए छिले हुए बम्बू का इस्तेमाल करना चाहिए.”

सुप्रिया सिंह ने लिखा है, “चेतन भगत, उमर खालिद जैसे लोगों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता है.” जयब्रत घोष ने लिखा है, “चेतन भगत, राष्ट्रवाद भी कई बार अनुशासन की तरह थोपना जरूरी हो जाता है.” इसके अलावा भी उनके ट्वीट पर काफी प्रतिक्रियाएं आई हैं.

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