मां की मौत के बाद अनाथ बच्चों को घर में मिले 96 हजार लेकिन RBI का पुराने नोट बदलने से इंकार, अब प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

पिछले साल 8 नवंबर की रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 व 1000 के पुराने नोट बंद करने की घोषणा कर दी और 500 व 2000 के नये नोट जारी कर दिए. पीएम मोदी ने 31 मार्च तक अपने पुराने नोट बदलने को कहा लेकिन बाद में पुराने नोट बदलने की समय सीमा को 31 मार्च के बजाय 30 दिसंबर कर दिया गया. इसके बाद सरकार ने ये कानून भी पास किया कि अगर आपके पास 10 से अधिक 500 व 1000 के पुराने नोट पाये गये तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है.

orphaned siblings write to pm modi seeking help to exchange old notes

अब पुराने नोट जमा कराने की समय सीमा ख़त्म होने के बाद राजस्थान के कोटा एक अनाथ आश्रम में रह रहे भाई-बहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 96,500 रुपये के पुराने नोट बदलवाने में मदद करने की गुहार लगाई है. अपनी मां की मौत के बाद 16 और 12 साल के ये भाई-बहन अनाथ आश्रम में रह रहे हैं. इनको ये पुराने नोट उनके पुश्तैनी मकान से इसी महीने में बरामद हुए हैं.

अब इनके सामने समस्या ये है कि पुराने नोट बदलवाने की समय सीमा ख़त्म हो चुकी है और ये 96,500 रुपये रद्दी हो चुके हैं. इन पुराने नोटों को बदलवाने के लिए अब इन भाई-बहन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

कोटा की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश गुरुबख्शानी ने बताया कि आरबीआई के इस रकम को बदलने के इनकार करने के बाद बच्चों ने प्रधानमंत्री से मदद मांगी है. यह पैसा उनकी मां की जिंदगी भर की बचत का है. भाई इस रकम की अपनी छोटी बहन के नाम पर एफडी करना चाहता है और इसके लिए उसने पीएम मोदी को एक पत्र भेजा है.

उन्होंने बताया कि बच्चों की मां पूजा बंजारा एक दिहाड़ी मजदूर थी और 2013 में कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई थी. उनके पिता राजू बंजारा की पहले ही मौत हो चुकी है. मां की मौत के बाद से ही ये बच्चे एक अनाथ आश्रम में रह रहे हैं. हाल ही में एक काउंसलिंग सेशन के दौरान बच्चों ने बताया कि उनका सरवदा गांव और आरके पुरम इलाके में पुश्तैनी मकान है. इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर उनके सरवदा स्थित घर की जांच की तो वहां एक बॉक्स में कुछ जेवर और 96,500 रुपये मिले. इसमें 500 के 149 व 1,000 रुपये के 22 नोट थे.

कोटा की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश गुरुबख्शानी के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने 17 मार्च को RBI को ये पुराने नोट बदलने के लिए एक पत्र लिखा था. 22 मार्च को रिजर्व बैंक ने ई-मेल की जरिए उन्हें सूचित किया कि पुराने नोट बदलने की समयसीमा खत्म हो चुकी है इसलिए वह इन नोटों को नहीं बदल सकता.

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