अंतिम इच्छा: मेरे अंतिम संस्कार में फूलों के लिए पैसे खर्च करने के बजाय गरीब लोगों की मदद करना

इंसान की इच्छाओं की कोई सीमा नही है. जन्म से लेकर मृत्यु तक हर इंसान अपने मन में हजारों इच्छायें लेकर घूमता हैं. ज्यादातर इच्छायें इंसान खुद से जोड़कर देखता है या फिर अपने परिवार, सगे सम्बन्धियों से जोड़कर देखता है लेकिन कैंसर से जूझ रहे राज ब्रायना सिंह ने अपनी अंतिम इच्छा में भी गरीब व कमजोर लोगों की मदद करने की सोच दिखाई है.

raj singh brayna

राज ब्रायना सिंह कैंसर से पीड़ित थे और हाल ही में उनकी मृत्यु हो गयी. जब राज को पता चला की उनके पास बस कुछ दिन ही बाकि है तो उन्होंने खालसा ऐड इंटरनेशनल के साथ मिल कर एक मुहीम की शुरुआत की. इस मुहीम के तहत उन्होंने लोगो से उनके अंतिम संस्कार पर खर्च न करते हुए गरीबो की मदद के लिए पैसे दान करने की अपील की.

मुहीम के तहत गरीब लोगों की मदद के लिए फंड रेजिंग पेज पर राज ने लिखा, “अगर ये पेज अभी भी एक्टिव है, इसका मतलब मेरे आखरी सपने को अभी तक आकार दिया जा रहा है और मैं कोलोन कैंसर से अपनी जंग हार चुका हूँ … मैं आप सब लोगो से गुजारिश करूँगा कि मेरे मरने के बाद मेरे लिए फूल लाने के लिए पैसे खर्च न कर के इस मुहीम के लिए उदारता से दान करे, जिससे सभी धर्म और जाती के लोगो की मदद की जा सके”

स्टोरी लिखे जाने तक 26, 400 पौंड(करीब 21 लाख रुपये) जुटाए जा चुके हैं. इन पैसो से गरीब व बेसहारा लोगों के लिए पंजाब के मलेरकोटला और फरीदकोट में चार मकान बनायें गए है. आज राज हमारे बीच नही है लेकिन उनकी इस मुहीम ने हमे एक अच्छा संदेश और दूसरों की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाने की प्रेरणा दी है.

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