राजस्थान: पूरा गाँव प्रधानमंत्री से मांग रहा इच्छा मृत्यु

ये गांव राजस्थान के भरतपुर जिले के भोलावास और नांदनखेडा है. इन गाँवो के आसपास का पूरा इलाका खनन क्षेत्र में आता है और जिससे कारण यहां की सड़को पर बहुत संख्या में वाहनों के आवागमन से मिट्टी इतनी ज्यादा उड़ती है की लोगों को मजबूरी में घरों में बंद होकर अपना जीवन बिताना पड़ रहा है.

यह मिट्टी वहा रहने वाले लोगों में श्वास के द्वारा फेफड़ों में चली जाती है, जो धीरे-धीरे श्वास को रोकती है. पीड़ित को सांस में तकलीफ होने लगती है। इलाज नहीं होने पर आखिरकार पीड़ित की मौत हो जाती है.
हालात ये हैं कि प्रत्येक घर से खांसने की आवाज आने लगी है. यहां लोग दमा से पीड़ित हो रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. इसी खनन के कारण उड़ने वाली मिट्टी से परेशान गांव के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी है.

लोगों का कहना है कि जहां ये रहते हैं वह खनन जोन है. यहां से राज्य सरकार को हर महिने करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद यहां सड़कों की स्थिति दयनीय है. ऐसे में यहां दिनभर खनन सामग्री ले जाने वाहनों से धूल उड़ती रहती है. जो लोगों को बीमार बना रही है. लोग अपने ही घरों में घुट-घुटकर जीवन जीने को मजबूर हैं.

यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वे काफी समय से यहां सड़कों पर उड़ने वाली धूल की समस्या से पीड़ित हैं. इस बारे में उन्होंने उपखंड अधिकारी से लेकर जिला कलेक्टर तक को अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन दिए. इसके बावजूद कोई भी अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया. ऐसे में मजबूर होकर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. इसमें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की गई.

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