अगर उस दिन चाचा कान का छेद ना देखते तो सुनील गावस्कर आज क्रिकेटर नही मछुआरा होते

सुनील गावस्कर को महान सलामी बल्लेबाजों की श्रेणी में गिना जाता है. उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के दौरान ढेरों रिकॉर्डस बनाये. अपने खेल से सुनील गावस्कर ने क्रिकेट की दुनिया में भारत का खूब नाम रोशन किया. सुनील गावस्कर ने अपने जन्म का एक किस्सा बताया है, अगर उस समय चुक हो जाती तो शायद उनके जीवन का रुख ही बदल जाता और सुनील गावस्कर क्रिकेटर नहीं बल्कि एक गुमनाम मछुआरे बन जाते.

sunil gavaskar

दरअसल ये किस्सा सुनील गावस्कर के जन्म के समय का है. सुनील गावस्कर का जन्म हुआ तो परिवार के लोग व रिश्तेदार सब देखने के लिए हॉस्पिटल आने लगे. चाचा जब उनको गोद में लेकर देख रहे थे उन्होंने देखा कि बच्चे के कान के पास एक छोटा-सा छेद है. इसके बाद वे घर चले गये.

जन्म के अगले दिन चाचा फिर हॉस्पिटल आये और अपने भतीजे को गोद में लेकर खिलाने लगे. जब चाचा ने बच्चे को ध्यान से देखा तो उन्हें कान के पास वो छेड़ नही दिखा जो उन्होंने पहले दिन देखा था. चाचा को पता लग गया की ये उनका भतीजा नही है और तुरंत हॉस्पिटल के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी.

चाचा ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों को बताया की उनके भतीजे के कान के पास छोटा सा छेद है तो उन्होंने दुसरे बच्चों को चेक किया. थोड़ी ही देर में पास वाले कमरे में कान के पास छेद वाला बच्चा मिल गया. दरअसल नर्स ने गलती से सुनील गावस्कर को एक मछुआरे की पत्नी के पास सुला दिया और मछुआरे के बेटे को सुनील गावस्कर की जगह सुला दिया था.

सुनील गावस्कर के चाचा के सतर्कता ने नर्स से हुई ये गड़बड़ पकड़ ली. अगर उस दिन सुनील गावस्कर के चाचा ने कान के पास का छोटा छेड़ ना देखा होता तो शायद आज सुनील गावस्कर क्रिकेटर होने के बजाय एक मछुआरे होते.