ऐसा गांव जहाँ किसी को भी अभी तक नोटबंदी के फैसले का ही पता नही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुए पुराने 500 व 1000 के नोट बंद कर दिए और इन्हें बैंक में जमा कराने के लिए 50 दिन का समय दिया. नोटबंदी के बाद जहाँ पूरा देश अपने नोट बदलवाने के लिए बैंक के सामने लाइन में खड़ा था वहीं देश में एक गाँव ऐसा भी जहाँ के लोगों को 50 दिन बाद भी नोटबंदी के फैसले की कोई खबर नही है.

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ये गाँव महाराष्ट्र का है. पुणे से 500 किलोमीटर दूर स्थित इस गाँव का नाम रोशामल है. इस गाँव में रहने वाले आदिवासियों को नोटबंदी के बारे में कुछ भी नही पता है. ये गाँव आज भी सड़क, बिजली, घर और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से दूर है और गांव के लोगों ने पास क्रेडिट या डेबिट कार्ड होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, रोशामल गांव में रहने वाले कई लोगों को तो अभी ये भी नही पता की देश में अब नरेंद्र मोदी की सरकार हैं उन्हें अब भी यही पता है कि देश में सोनिया गांधी की सरकार है.

फिलहाल गाँव के लोग मंडी में अपने मक्का और ज्वार को बेचने के लिए नहीं जा रहे. इसका कारण पूछने पर वहां के लोगों ने बताया कि मंडी में इस वक्त जो चीज 13 से 15 रुपए किलो जाती थी वह इस वक्त 10 रुपए प्रति किलो जा रही है इसलिए उन्होंने अपना सारा सामान फिलहाल रोक रखा है.

जब गाँव के लोगों को बताया गया कि नोटबंदी के कारण बैंक से फिलहाल दो हजार रुपए ही निकल रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह रकम उनके लिए पर्याप्त है और उनका महीने का काम 1500 में चल जाता है.

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