वेटर लेकर आया हरा भरा कबाब तो धोनी बोले – भूख लगी है और तुम इतना सा लेकर आए हो, इससे ज्यादा लाना अभी

क्रिकेट की दुनियां में महेंद्र सिंह धोनी की गिनती सबसे सफल कप्तानों में होती है. टीम इंडिया ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में T20 व ODI दोनों में वर्ल्ड कप जीता, चैंपियनस ट्राफी जीती और टेस्ट में भी नंबर वन बनी. एक अच्छे क्रिकेटर के साथ-साथ धोनी की पहचान एक शानदार इंसान के रूप भी होती है. जितने शांत और कूल धोनी मैदान पर रहते हैं उतने ही शांत और सादगी से वे मैदान के बाहर भी रहते हैं.

Mahendra Singh Dhoni and Shakshi

मैदान के बाहर महेंद्र सिंह की सादगी का ऐसा ही एक किस्सा हम आज आपको बता रहे है जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे की ये बंदा दिखावा नही करता, जैसा है वैसा ही दिखता है. ये स्टोरी धोनी के अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट कॅरियर के शुरुआती दिनों की है.

ये पूरा वाक्या 2006 में हुआ जब BCCI ने राहुल द्रविड़ के 100वें टेस्‍ट और अनिल कुम्‍बले के 400 विकेट लेने पर एक पार्टी का आयोजन किया था. सभी लोग टीम इंडिया के आने का इंतजार कर रहे थे. थोड़ी देर में टीम इंडिया आ गई और सचिन तेंदुलकर,राहुल द्रविड़, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ी आगे की पंक्ति में बैठ गए. वहीं इरफान पठान, आरपी सिंह, मुनाफ पटेल और एमएस धोनी उनके पीछे बैठे गये.

सब खिलाडि़यों के बैठने के बाद वेटर स्‍टार्टर लेकर गया. सभी खिलाडि़यों ने औपचारिक रूप से उसमे से एक एक पीस ले लिया और बड़े आराम से उसे खाने लगे. तभी एक आवाज सुनाई दी. वो आवाज महेंद्र सिंह धोनी की थी.

धोनी(वेटर से): अरे भाई, इधर आना जरा
वेटर(पास जाकर): हाँ, सर

धोनी: क्या है ये?
वेटर: सर, हरा भरा कबाब

वेटर के पास करीब 15 कबाब थे. धोनी ने प्लेट से सारे कबाब और चटनी का बड़ा बर्तन भी ले लिया. इसके बाद वेटर से जो कहा वो सुनकर सब हंसने लगे.

धोनी: और लेकर आना यार जरा. इतनी भूख लगी है और तुम ये इतना सा लेकर आ रहे हो. इससे ज्‍यादा लाना अभी.

ये कहकर धोनी खाने लगे. वहीं पास में बैठे दूसरे खिलाड़ी उन्‍हें देखकर जोर-जोर से हंस रहे थे. धोनी मुस्कुराए और फिर खाने में लग गये.

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here