क्‍या कोई पार्टी गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को चुनाव लड़ने के लिए टिकट देगी?

पॉलिटिक्स कमाल की चीज है. इसमें कभी भी किसी को भी कहीं से भी लाया जा सकता है. अगर आप सोच रहे हैं कि आप जल्द ही गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को भारत में चुनाव लड़ते देखेंगे तो अभी ऐसा कुछ भी नही हुआ है लेकिन उनका नाम जरुर आ गया है. दरअसल सुंदर पिचाई का नाम पोलिटिकल भाषण में आया है.

sundar pichai google ceo

सुंदर पिचाई का नाम कांग्रेस के दिग्‍गज नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने लिया है. दरअसल कार्ति चिदंबरम ने राजनीति में परिवारवाद पर सवाल उठाया है. इसमें उन्होंने अपनी पार्टी कांग्रेस को भी नही छोड़ा है और सभी पार्टियों पर निजी पारिवारिक प्रॉपर्टी होने का आरोप लगाया है.

कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि कांग्रेस सहित सभी पार्टियां निजी पारिवारिक संपत्तियां हो गई हैं और फिलहाल इनसे कोई मुक्ति मिलती नहीं दिख रही है. तमिलनाडु में द्रविड़ शासन के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर सोमवार को चेन्‍नई में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही.

उन्‍होंने कहा कि ये दल पारिवारिक संपत्तियों की तरह हैं और इन्‍होंने नेता बनने के लिए इच्‍छुक नए बाहरी लोगों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं. ऐसे में राजनीति में आने के इच्‍छुक नए नेता इन पार्टियों में फिट नहीं होते क्‍योंकि उसको पार्टी के मुखिया या दल में अन्‍य नेताओं का गुणगान करना होता है. उन्‍होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्‍या किसी दल ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को या किसी आईआईटी टॉपर को चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया?

इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी, डीएमके, अन्‍नाडीएमके या चाहें उत्‍तर भारत की कोई और पार्टी हो, इन सभी पर परिवार का कब्‍जा है और बाहरियों के लिए कोई चांस नहीं है.