मोदी सरकार में अमित शाह के बेटे की कंपनी के टर्नओवर में भारी बढ़ोतरी, 16000 गुना बढ़ा टर्नओवर

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के टर्नओवर में भारी बढ़ोतरी को लेकर न्यूज़ वेबसाइट द वायर ने एक रिपोर्ट पब्लिश की है. द वायर ने अपनी इस रिपोर्ट में बताया है कि केंद्र में बीजेपी सरकार आने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी का सालाना टर्नओवर 16,000 गुना बढ़ गया. द वायर ने अपनी इस रिपोर्ट में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) में दाखिल किए गए दस्तावेजों का हवाला दिया है.

इस रिपोर्ट के मुताबिक जय शाह की कंपनी की बैलेंस शीटों और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से हासिल की गई वार्षिक रिपोर्टों से ये बात उजागर होती है कि 201213 व 2013-14 वित्तीय वर्षों में जय शाह की टेंपल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कोई ख़ास कारोबार नहीं किया और इन दो वर्षों में कंपनी को क्रमशः 6,230 और 1,724 रुपये का घाटा हुआ. इसके बाद 2014-15 में कंपनी ने महज 50,000 के राजस्व पर 18,728 रुपये का लाभ दिखाया जबकि 2015-16 में कंपनी में टर्नओवर में भारी बढ़ोतरी हुई जिससे टर्नओवर 80.5 करोड़ रुपये हो गया.

इसके बाद अक्टूबर, 2016 में जय शाह की कंपनी ने अपनी व्यापारिक गतिविधियों को पूरी तरह से बंद कर दिया और निदेशकों की रिपोर्ट में यह कहा गया कि पिछले वर्ष हुए 1.4 करोड़ रुपये के घाटे और इससे पहले के सालों में होने वाले नुकसानों के कारण कंपनी का नेटवर्थ पूरी तरह से समाप्त हो गया है.

साल 2004 में बनी टेंपल इंटरप्राइज में जय शाह और जितेंद्र शाह का नाम निदेशकों के तौर पर दर्ज किया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पत्नी सोनल शाह की भी इस कंपनी में हिस्सेदारी थी. कंपनी के टर्नओवर में होने वाली इस भारी बढ़ोत्तरी को उत्पादों की बिक्री से हुई प्राप्ति के तौर पर दिखाया गया है. इसमें 51 करोड़ रुपये की विदेशी आय भी शामिल है जबकि एक साल पहले विदेशी आय भी शून्य थी.

कंपनी के टर्नओवर में भारी बढ़ोतरी के अलावा फाइलिंग से KIFS नामक कंपनी से 15.78 करोड़ के असुरक्षित कर्ज भी दिखाया गया है. जिस वर्ष KIFS ने जय शाह की कंपनी को 15.78 करोड़ का कर्ज दिया उसी साल KIFS की वार्षिक रिपोर्ट में भी टेंपल इंटरप्राइज को दिए गए 15.78 करोड़ के असुरक्षित कर्जे का कोई जिक्र नहीं मिलता है.

द वायर के अनुसार इस मामले में उन्होंने जय शाह को गुरुवार को एक प्रश्नावली भेजी थी. उस समय यात्रा का कहकर इस पर तुरंत जवाब को टाल दिया और शुक्रवार को उनके वकील मानिक डोगरा ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी का आरोप लगाने पर आपराधिक और सिविल मानहानि के मुकदमे की चेतवानी दी.

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